
हिना यास्मीन खान
अध्यक्ष
छत्तीसगढ़ अभियोजन
अधिकारी संघ

दो बातें जो शासकीय सेवा में उच्च पद पर पहुँचने के लिए ज़रूरी हैं?
जिम्मेदारियों को पूर्ण करने वाला व्यक्तित्व,नियम का जानकार
निष्पक्षता, नैतिक साहस और जन-हित के प्रति अडिग प्रतिबद्धता।
दो बातें जिनसे आपको अभियोजन की शासकीय सेवा में आने की प्रेरणा मिली?
न्याय की अवधारणा को मात्र सैद्धांतिक न रखकर व्यावहारिक रूप में साकार करने की आंतरिक प्रेरणा।
समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करने का संकल्प।

दो महिला शख्सियतें जिनसे आप सर्वाधिक प्रभावित हैं?
न्यायमूर्ति आर. बानुमथी – जिन्होंने उच्च न्यायपालिका में महिलाओं के लिए मार्ग प्रशस्त किया।
किरण बेदी – जिन्होंने प्रशासनिक कुशलता और सामाजिक संवेदनशीलता का अद्वितीय समन्वय प्रस्तुत किया।
दो बातें जो आपको अभियोजन की शासकीय सेवा का आधार स्तंभ हैं?
सत्य और साक्ष्य पर आधारित अभियोजन की शुद्धता।
पीड़ित की गरिमा और अभियुक्त के अधिकारों के बीच संतुलन बनाए रखने का संकल्प।
जीवन में कठिनाई के दौर की दो बातें जिनसे आपको हौसला मिला?
कठिनाई चरित्र को परिष्कृत करती है।
धैर्य को साथी बनाये वह आपको लक्ष्य के पथ से जोड़े रखता है.
छत्तीसगढ़ अभियोजन अधिकारी संघ के अध्यक्ष के रूप में आपकी दो सर्वाधिक महत्वपूर्ण प्राथमिकताएं?
अभियोजन अधिकारियों के कौशल और नैतिक प्रशिक्षण को उच्चतम स्तर तक विकसित करना।
संघ को एक सशक्त, पारदर्शी और सहयोगी संस्था के रूप में स्थापित कर न्याय-प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाना।
दो कार्य जो आप प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के लिए करना चाहती हैं?
महिला अपराध से संबंधित मामलों में त्वरित एवं संवेदनशील अभियोजन सुनिश्चित करना।
महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों की गहरी समझ प्रदान करने हेतु जागरूकता एवं क्षमता-निर्माण कार्यक्रम चलाना।

दो बातें जिनमें आप विश्वास करती हैं?
ईश्वर , कर्म
दो बातें जो आपको नाराज़ करती हैं?
न्याय-प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब और पीड़ित की पीड़ा की उपेक्षा।
महिलाओं के प्रति समाज में व्याप्त पितृसत्तात्मक पूर्वाग्रह और उनकी आवाज़ को दबाने का प्रयास।
आपके अब तक की शासकीय सेवा की दो उपलब्धियां?
गंभीर आपराधिक प्रकरणों में विशेष लोक अभियोजक नियुक्त होना
छेड़खानी के प्रकरण में जमानत मिलने के बाद अपराधी के द्वार पीड़िता को धमकाने पर उसकी जमानत निरस्त करवाना.
दो पुस्तकें जो आपको प्रिय हैं?
भगवद्गीता – कर्मयोग और नैतिक दृढ़ता का शाश्वत स्रोत।
“टू किल ए मॉकिंगबर्ड” (हारपर ली) – न्याय, सहानुभूति और नैतिक साहस की गहन अभिव्यक्ति।
दो शक्तियां जो हर महिला में होती हैं?
असीम धैर्य और परिस्थितियों को सकारात्मक रूप से रूपांतरित करने की क्षमता।
अंतर्दृष्टि और सहानुभूति जो कठिन निर्णयों में भी मानवता बनाए रखती है।
दो संदेश जो घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को आप
देना चाहती हैं?
चुप रहना समाधान नहीं है ,कानून आपके पक्ष में खड़ा है, आवाज़ उठाएँ।
आप अकेली नहीं हैं; सहायता तंत्र उपलब्ध है ,स्वयं को और अपने बच्चों को सुरक्षित रखना आपका अधिकार है।
दो जीवन मूल्य जो आपको माता-पिता से मिले हैं?
ईमानदारी और सत्य के प्रति अटल निष्ठा।
शिक्षा और आत्म-निर्भरता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संस्कार।
अपने बेटों से आपकी दो अपेक्षाएं?
वे महिलाओं के प्रति सम्मान और समानता के मूल्य को जीवन में आत्मसात करें।
वे समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनकर राष्ट्र-निर्माण में सकारात्मक योगदान दें।
अपने जीवन के दो निर्णय जिन पर आपको गर्व हैं?
अभियोजन सेवा को अपना वृत्ति का मार्ग चुनना ,जहाँ पीड़ित की सेवा ही जीवन का उद्देश्य बन गई।
बड़े पुत्र अमन का आईआईटी की परीक्षा में सफल होने के पश्चात भी इसरो को चयन कर देश सेवा में आगे बढ़ने का निर्णय
छत्तीसगढ़ के दो पर्यटन स्थल जो आपको आकर्षित करते हैं?
चित्रकोट जलप्रपात – प्रकृति की अद्वितीय भव्यता और शांति का अनुभव।
बस्तर का माँ दंतेश्वरी मंदिर क्षेत्र – सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक ऊर्जा का संगम।
आपके प्रिय दो छत्तीसगढ़ी व्यंजन?
कोदो की खिचड़ी
कुल्थी की अदरक, मिर्च वाली दाल
दो लक्ष्य जो आप जीवन में हासिल करना चाहती हैं?
सुदूर बस्तर के ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चियों और महिलाओं को विधिक ज्ञान से पूर्ण करना
कर्म की उत्कृष्ट विरासत तैयार करना जिससे आने वाली पीढ़ी गर्व करे.
जीवन में सफलता के दो मूल मंत्र?
निरंतर सीखने की भूख और कर्मठता
उद्देश्य की स्पष्टता के साथ नैतिकता को कभी न त्यागना।









